यूपी में योगी: छह माह के 6 बड़े संकट

लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल के महीने बीतने के साथ चुनौतियां बढ़ती जा रही है। निवेश, रोजगार के नये अवसर और कानून व्यवस्था की बेहतरी के मुद्दे से सरकार को जूझना है। भाजपा के संकल्प पत्र को लागू करने पर काम शुरू कर चुकी है। 19 सितंबर को योगी सरकार के छह महीने पूरे हो रहें है। छह महीने के दौरान राज्य में एक डीजीपी व एक मुख्य सचिव बदले जा चुके है। अधिकारियों के भी बड़े पैमाने पर तबादले हुए है। सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि 86 लाख किसानों की कर्ज माफी है। जबकि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की कमी सड्डे बच्चों की मौत से प्रदेश सरकार की फजीहत हुई है। अपराध पर काबू पाने के लिए पुलिस एनकाउंटर की रणनीति पर उतर आयी है।
अपने कामकाज पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा है कि अपने काम को मैं 1000 अंक दूंगा। 15 साल के गढ्ढों को 100 दिन में भरना चाहते हैं, ये गढ्ढे भ्रष्टाचार के गढ्ढे हैं। हमने काफी हद तक सडक़ों को गढ्ढा मुक्त कर दिया है। योगी ने कहा कि हमनें हर क्षेत्र में काम शुरू किया है, जितना काम करते हैं हम उतना ही बोलते हैं। हम लोग यूपी की सफाई करने के लिए सत्ता में आएं हैं, भ्रष्टाचार और अपराध के क्षेत्र में सफाई की है।
उप्र कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी ने योगी के छह महीने के कार्यकाल को पूरी तरह फेल करार दिया है। त्रिपाठी ने कहा है कि योगी सरकार ने प्रदेश के किसानों को धोखा दिया है। नौजवानों को रोजगार देना तो दूर कोशिश करती भी नजर नही आ रही है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। चुनाव में किये गए एक भी वादे पूरे नही हुआ है। कुछ मिला कर सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है। जबकि योगी सरकार के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने छह महीने के कामकाज पर कि बोले कि हमने किसानों का कर्ज माफ किया। राज्य कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग की सिफारिशें भी लागू की। हमने कम संसाधन में ज्यादा काम किया है। चार महीने में नई औद्योगिक नीति को लागू करने के साथ नई खनन नीति, पंचायती राज नीति बनाई है। कानून व्यवस्था में सुधार होने लगा है।

उप्र में कर्ज माफी योजना की ऐसी चाल
लखनऊ । उप्र की योगी सरकार किसानों के कर्ज माफी योजना में कर्ज माफी के आंकड़े बेहद रोचक है। सरकार ने 4814 किसानों के 1 रूपये से 100 रूपये के कर्जे माफ किये है। जबकि 6895 किसानों के 100 रूपये से 500 रूपये के कर्ज माफ किये है। 5553 किसानों के 501 से 1000 तथा 41690 किसानों के 1001 से 10 हजार रूपये तक के कर्ज की माफी की है। 1127890 किसानों के 10 हजार से अधिक रूपये के कर्जे माफ हुए है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया है कि प्रदेश के लघु एवं सीमान्त किसानों के कर्ज माफी योजना के पहले चरण में प्रदेश के 11,93,224 किसानों के ऋण खातों में 7,371 करोड़ रुपए भेजे है।
दरअसल ऋणमाफी कैंपों में किसानों को 10 रुपये, 38 रुपये, 221 रुपये और 4000 रुपये के कर्जमाफी का प्रमाण पत्र सौंपे जाने का मामला सामने आने के बाद सरकार ने स्थिति साफ की है। सरकार के इस मजाक से किसानों में नारजगी है। सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि पात्र किसानों के ऋण खातों में न केवल ऋण की धनराशि से उसे मुक्त किया गया है, बल्कि ऋणी किसानों की ओर से ऋण के भुगतान की गई धनराशि को घटाने के बाद, उस पर बचे ब्याज का भी एक लाख रुपए की सीमा तक माफ किया गया है। सरकार की योजना के अनुसार मार्च 2016 तक लघु व सीमांत किसानों के द्वारा लिए गए कृषि ऋणों को माफ किया गया है।

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