योगी जी: यूपी भवन है या लूट भवन

अमृतांशु मिश्र, लखनऊ। यूपी सरकार के राज्य सम्पत्ति विभाग के अधीन नई दिल्ली स्थित यूपी भवन में सफाई कर्मचारियों की हालत बदतर है। मानक से भी कम वेतन के चलते कर्मचारी भुखमरी की कगार पर हैं मगर उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। यूपी भवन में बड़े अफसरों और व्यवस्था अधिकारी की कार्यशैली के चलते यूपी भवन लूट भवन में तब्दील हो गया है। सीएम आदित्य नाथ योगी की नाक के नीचे यहां खेल चल रहा है मगर इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है।
मालूम हो कि नई दिल्ली के सरदार पटेल रोड पर स्थित यूपी भवन में करीब 2 दर्जन से अधिक सफाई और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। वेतन के नाम पर इनको केवल 7 हजार रुपया मिलता है। यहां के कर्मचारियों ने बताया कि यूपी भवन में कर्मचारी ठेकेदारी प्रथा के शिकार हैं। ठेकेदार और व्यवस्था अधिकारी की मिलीभगत के चलते उनको इतना कम वेतन मिल रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि इस बारे में कई बार विभागीय अफसरों से शिकायत भी की गयी मगर उसके बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। व्यवस्था अधिकारी राकेश कुमार चौबे और ठेकेदारों की सांठगांठ के चलते यहां कर्मचारी फांकाकशी करने पर मजबूर हैं। इस बारे में जब व्यवस्था अधिकारी से बात करने की कोशिश की गयी तो उन्होंने भी बात करने से इंकार कर दिया। राज्य सम्पत्ति अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने भी फोन नहीं उठाया। बहरहाल यूपी भवन में सभी की सेवा में लगे कर्मचारी भुखमरी की कगार पर हैं और अधिकारी लूट भवन के खेल में शामिल हैं।

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