लश्कर के 8 आतंकियों को उम्रकैद की सजा

 

जयपुर। एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को तीन पाकिस्तानी सहित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आठ सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने इन्हे राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए लोगों की भर्ती करने का दोषी पाया है। पिछली सुनवाई में अदालत ने आरोपियों को विधि विरूद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देना), धारा 18 (साजिश के लिए सजा), धारा 18 बी (आतंक के लिए भर्ती)और धारा 20 (आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होने के लिए सजा) के तहत दोषी माना था।मामले की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक महावीर जिंदल ने पत्रकारों को बताया कि जयपुर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपियों को विधि विरूद्व क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सजा और तीन-तीन लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। राजस्थान के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने सभी दोषियों को वर्ष 2010 और 2011 में गिरफ्तार किया था।
आतंकी संगठन लश्कर-ए- तैयबा के पाक सदस्य असगर अली, शेखर उल्ला और शाहिद इकबाल भारत की विभिन्न जेलों में बंद रहे। इन्होंने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए पांच भारतीयों बाबू उर्फ निशाचंद अली, हाफीज अब्दुल, पवन पुरी, अरुण जैन और काबिल की भर्ती की थी। बाबू और पवन पुरी बीकानेर जेल में असगर अली के संपर्क में आए जबकि अरुण बाबू का दोस्त था। काबिल पंजाब जेल में शाहिद इकबाल से जुड़ा।

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