इस वर्ष शनि नहीं करेंगे राशि परिवर्तन

डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय का देवता कहा गया है। यानी शनि देव की नजर किसी पर टेढ़ी हुई तो उसे तुरंज सजा देते हैं और यदि किसी राशि के जातक पर उनकी अच्छी दृष्टि हो तो उसपर अपनी कृपा बरसाते हैं। 2021 में शनि का कोई राशिपरिवर्तन नहीं होगा। क्योंकि शनिदेव 2.5 साल में अपनी राशि बदलते हैं। इस साल शनि अपनी स्वराशि मकर में हैं। स्वराशि में होने के कारण शनि बलवान रहेंगे और ज्यादातर राशियों पर अपनी कृपा बरसाएंगे। इस राशि पर शनि 2022 तक…

Read More

नौ फरवरी को बन रहा दुर्लभ संयोग

डेस्क। नौ फरवरी को एक बड़ा ही दुर्लभ संयोग बनने वाला है जो सामान्यत: देखने में नहीं आता। वर्तमान ग्रहस्थितियों के अनुसार मकर राशि में शनि और बृहस्पति का संचार लम्बे समय से चल रहा है। बीते माह सूर्य और शुक्र का प्रवेश भी मकर राशि में होने से मकर राशि में चतुग्र्रही योग बना हुई हुआ है। पांच फरवरी को वक्री बुध का भी इसमें प्रवेश हो गया। इसके बाद नौ फरवरी की रात आठ बजकर 31 मिन्ट पर चन्द्रमां भी मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इससे मकर…

Read More

हरिद्वार कुंभ: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल तैयार

डेस्क। कुंभ मेले में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इसे विधिवत तौर पर लांच कर दिया जाएगा। इसके लिए एक कार्यालय भी बनाया जाएगा। जहां बैठे कर्मचारी दस्तावेज देखने के बाद अनुमति प्रदान करेंगे। रजिस्ट्रेशन के लिए कुंभ की ऑफिसियल वेबसाइट ऑनलाइन आवेदन प्रकिया को पूरा करना होगा। अनुमति मिलने के बाद ही हरिद्वार की सीमा से एंट्री हो सकेगी।केंद्र सरकार की ओर से एसओपी जारी होने के बाद मेला प्रशासन की ओर से कुंभ में आने…

Read More

रोजग़ार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट

प्रहलाद सबनानी। कोरोना महामारी के समय पूरे विश्व में ही लाखों लोगों के रोजग़ार पर विपरीत प्रभाव पड़ा था। भारत भी इससे अछूता नहीं रह सका था एवं हमारे देश में भी कई लोगों के रोजग़ार पर असर पड़ा। हालांकि, छोटी अवधि के लिए इस समस्या को हल करने के उद्देश्य से कोरोना महामारी के दौरान, लगभग 80 करोड़ लोगों को 8 महीनों तक मुफ़्त अनाज, दालें एवं अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी गईं थी। साथ ही, करोड़ों परिवारों को मुफ़्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए एवं जन धन योजना…

Read More

भारत में पनप रहे स्टार्ट-अप: बहुराष्ट्रीय कम्पनियां बनने की ओर अग्रसर

प्रहलाद सबनानी। भारत के लिए यह दशक भारतीय स्टार्ट-अप कम्पनियों को बहुराष्ट्रीय कम्पनियों (एमएनसी) में परिवर्तित करने का है। भारत में पिछले केलेंडर वर्ष 2020 में 11 स्टार्ट-अप कम्पनियां, यूनीकॉर्न कम्पनियों में परिवर्तित हुई हैं। यूनिकॉर्न कम्पनी उस स्टार्ट-अप कम्पनी को कहा जाता है जिसका बाज़ार मूल्यांकन 100 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक का हो गया हो। भारत में इन कम्पनियों में निवेश तेज़ रफ़्तार से बढ़ा है। ये स्टार्ट-अप कम्पनियां अभी तक भारत के बाज़ार पर अधिक ध्यान देकर चल रही हैं परंतु इन्हें अब भारत के बाहर भी…

Read More