लॉकडाउन की अंतहीन त्रासदी

डा. शैलेन्द्र मिश्र। कोराना नाम की चीन जनित वैश्विक बीमारी से यू तो पूरा विश्व त्राहिमाम कर रहा हैं लेकिन भारत की त्रासदी अलग हट के रही पहले तथाकथित एक अल्प्सन्ख्यक समुदाय ने इससे बचने के उपाय को सरसरी तौर पर खारिज कर दिया और बाद मे इसके संक्रमण को बढ़ाने मे निर्णायक भूमिका का निर्वहन किया उसके बाद लाकडाऊन 3.0 से प्रवासी श्रमिको का पलायन भारत के मानस पटल पर ऐसी भयावह चित्र अंकित कर दिया जो हर भारतीय की वेदना को अन्दर से उद्वलित कर दिया आखिर ऐसी…

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महान वैज्ञानिक गैलीलियो को जब रहना पड़ा पृथकवास में

डेस्क। खगोल विज्ञानी और भौतिक शास्त्री गैलीलियो गैलिली को 1630 के दशक के दौरान मुश्किल वक्त का सामना करना पड़ा- उनकी सेहत ठीक नहीं थी, एक विवादास्पद किताब के लिये उन्हें नजरबंद रखा गया और मुकदमे का सामना करना पड़ा तो वहीं उस वक्त प्लेग फैलने की वजह से उन्हें लगभग एक महीने तक पृथकवास में रहना पड़ा। उनके बारे में हाल में प्रकाशित एक किताब में इन घटनाओं का जिक्र किया गया है।खगोल-भौतिक शास्त्री मारियो लीवियो ने गैलीलियो के ऐतिहासिक जीवन-वृतांत पर गैलीलियो एंड द साइंस डिनायर्स शीर्षक से…

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संत कबीर जिनके लिये पंथ और ग्रंथ का भेद बाधक नहीं

ललित गर्ग। महामना संत कबीर भारतीय संत परम्परा और संत-साहित्य के महान् हस्ताक्षर है। हमारे यहां संत-साहित्य का एक विशिष्ट महत्व रहा है। क्योंकि इस साहित्य ने कभी भोग के हाथों योग को नहीं बेचा, धन के बदले आत्मा की आवाज को नहीं बदला तथा शक्ति और पुरुषार्थ के स्थान पर कभी संकीर्णता और अकर्मण्यता को नहीं अपनाया। ऐसा इसलिये संभव हुआ क्योंकि कबीर अध्यात्म की सुदृढ़ परम्परा के संवाहक भी थे। सत्व, रज, तम तीनों गुणों को छोड़कर वे त्रिगुणातीत बन गये थे। वे निर्गुण रंगी चादरिया रे, कोई…

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अश्वगंधा विभिन्न रोगों के उपचार में प्रयोग

हेल्थ डेस्क। अश्वगंधा एक झाड़ीदार पौधा होता है। इसकी जड़ों में बहुत से पौष्टिक तत्व होते हैं। अश्वगंधा के बीज, फल एवं छाल का विभिन्न रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। यह मधुमेह से पीडि़त लोगों में मोतियाबिंद जैसी समस्या पर भी लगाम लगाता है। आइए जाने अश्वगंधा के फायदे:-कैंसर में फायदेमंदकैंसर की दवाएं बीमार कोशिकाओं के साथ-साथ सामान्य कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचाती है, जिससे अन्य रोगों के बढऩे की आशंका हो जाती है। लेकिन कैंसर की दवाओं के साथ अश्वगंधा का सेवन करने से अद्भुत फायदा…

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बूंदी के जर्रे-जर्रे में चौहान वंश का इहिास

फीचर डेस्क। राजस्थान के कोटा से 36 मिलोमीटर दूर यह छोटा सा रमणीय नगर बूंदी एक ऐसा अन्वेषित शहर है जिसके पास अपनी समृद्ध ऐतिहासिक संपदा है। यह ऐतिहासिक नगर चौहान वंश के वंशज हाड़ा चौहानों द्वारा शासित हाड़ौती राज्य की राजधानी रह चुका है। सन् 1193 में जब पृथ्वीराज चैहान सुल्तान मोहम्मद गौरी से हार गया उस समय कई चौहानों ने मेवाड़ की ओर कूच कर वहां आश्रय लिया और राणा के मित्र बन गये जब कि अन्य युवा सैनिको ने चंबल घाटी की ओर प्रस्थान किया और वहां…

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