ट्रंप की चाल: इजरायल की राजधानी यरुशलम

वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चेतावनियों को दरकिनार कर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता दे दी है। उन्होंने दशकों पुरानी अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय नीति को तोडक़र ऐसा किया। इस कदम से जहां इजरायल खुश है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में चिंता है। वे इसे पश्चिम एशिया में हिंसा भडक़ाने वाला कदम मानते हैं। यह कदम पूर्व अमेरिकी प्रशासनों की कोशिशों के विपरीत भी माना जा रहा है जो कि इस कदम को अशांति के डर से अब तक रोके हुए थे। डॉनल्ड ट्रंप ने इसे शांति के लिए उठाया गया कदम बताया है जो वर्षों से रुका हुआ था। वाइट हाउस में संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, अब समय आ गया है कि यरुशलम को इजरायल की राजधानी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन से विवाद के बावजूद यरुशलम पर इजरायल का अधिकार है। यह वास्तविकता के अलावा और कुछ नहीं है।
डॉनल्ड ट्रंप ने विदेश मंत्रालय को यूएस दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में अभी एक साल का वक्त लग सकता है। ट्रंप के इस फैसले से पहले भी अरब देशों में इसका विरोध किया गया। गाजा में फिलिस्तीनी प्रदर्शकों ने अमेरिका और इजरायल के झंडे जलाए। यूरोप में अमेरिका के करीबियों ने भी इस कदम पर सवाल उठाए हैं।

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