राजनाथ उवाच: दुनिया के सामने आतंकवाद का खतरा

 

मॉस्को। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया आतंकवाद और कट्टरता के रूप में दो बड़े खतरों का सामना कर रही है और भारत इस खतरे को खत्म करने के लिए कोशिश कर रहा है।
सिंह ने कल यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि रूस की उनकी तीन दिवसीय यात्रा से सुरक्षा, आतंकवाद रोधी, कट्टरता रोधी, मादक पदार्थ तस्करी रोधी, नकली मुद्रा, सूचना साझा करने और इन क्षेत्रों में विशेषज्ञों के प्रशिक्षण पर दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत करने के ठोस परिणाम निकले हैं।उन्होंने कहा कि दुनिया आतंकवाद और कट्टरता के रूप में दो बड़े खतरों का सामना कर रही है।गृहमंत्री ने भारतीय समुदाय को उकसावे की विभिन्न कार्रवाइयों का जवाब देने में भारतीय सशस्त्र बलों के दृढ़ निश्चय के साथ-साथ घुसपैठ कर चुके आतंकवादियों का खात्मा करने और आतंकवाद को नियंत्रित करने में भारत सरकार के प्रयासों के बारे में सूचित किया।अपनी यात्रा पर संतोष जताते हुए उन्होंने भारत और रूस के बीच संबंधों के लंबे इतिहास और नींव का जिक्र किया तथा रूस को ‘‘भारत के सबसे विश्वसनीय मित्रों में से एक’’ बताया।उन्होंने रूस में प्रत्येक भारतीय द्वारा किए जा रहे काम की सराहना की तथा उन्हें भारत का ‘सांस्कृतिक दूत’ बताया। सिंह ने कहा कि उनके और भारत के बीच भौगोलिक तौर दूरी बड़ी हो सकती है लेकिन कभी भी ‘भावनात्मक दूरी’ नहीं हो सकती।उन्होंने वहां एकत्रित लोगों को ‘जन धन योजना’, ‘मेक इन इंडिया’, तेज आर्थिक प्रगति के लिए आधार के कार्यान्वयन के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में देश को विकसित करने में राजग सरकार की पहलों के बारे में बताया।गृहमंत्री ने कहा कि भारत विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में से एक बनने की राह पर है।उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा विकास से लेकर भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने तक मोदी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में बहुत कुछ किया है तथा देश के लोगों की साख बढ़ाई है।

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