भारतीय इतिहास का पुनर्लेखन क्यों?

सुबोध तिवारी । हमारा देश भारत न केवल भौगोलिक दृष्टि से विशाल और विस्तृत है बल्कि वह अपनी विभिन्न प्राकृतिक सुन्दरता के कारण भी बहुत बड़ा देश है । भारत की प्राकृतिक सुन्दरता सचमुच में निराली और अद्भुत है ।अपनी इस अद्भुत सुन्दरता के कारण ही भारत विश्व का एक अनोखा और महान् राष्ट्र समझा जाता है । अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के साथ-साथ भारत की भौतिक सुन्दरता भी कम आकर्षक और रोचक नहीं है । हमारा देश अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण सबके आकर्षण का केन्द्र रहा है वास्तव में…

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पवन सिंह के गाने पुदीना ऐ हसीना’ ने मचाया तहलका

डेस्क। पावर स्टार पवन सिंह ने एक बार फिर अपने नए गाने से भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है। पवन सिंह का नया गाना ‘पुदीना ऐ हसीना’ आज रिलीज हुआ है, जो रिलीज के साथ ही खूब वायरल भी हो रहा है। गाने को रिलीज हुए महज कुछ ही घंटे हुए, लेकिन इस बीच पवन के इस गाने को तकरीबन 5 लाख व्यूज मिल चुके हैं। यह गाना मशहूर म्यूजिक कंपनी वेब के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल से रिलीज हुआ है। ‘पुदीना ऐ हसीना’ एक शानदार गाना है, जिसका…

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तियानमेन चौक नरसंहार क्यों हुआ था?

नरेन्द्र सिंह। इतिहास के आईने में हर एक क्षण बेशकीमती होता है और अपने साथ कोई न कोई ऐसी बात रखता है जिससे आने वाली पीढ़ी उसे याद रख सके। साल 1989 इतिहास में दर्ज एक ऐसा ही साल था जबकि लोकतांत्रिक मूल्यों के विषय में हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि समूचे विश्व में चर्चाएँ जारी थीं। यह वही साल था जब पूर्वी जर्मनी में कम्युनिस्ट पार्टी का पतन होने के साथ ही बर्लिन की दीवार गिरा दी गई और इसके साथ ही पूर्वी तथा पश्चिमी जर्मनी के एकीकरण की शुरुआत…

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भारतीय धरा हमारी मां है अत:पर्यावरण संरक्षण हमारा नैतिक कर्तव्य है

प्रहलाद सबनानी। मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया के अनुसार, पर्यावरण शब्द ‘परि+आवरण’ के संयोग से बना है। ‘परि’ का आश्य चारों ओर तथा ‘आवरण’ का आश्य परिवेश है। पर्यावरण के दायरे में इसलिए वनस्पतियों, प्राणियों और मानव जाति सहित सभी सजीवों और उनके साथ संबंधित भौतिक परिसर को शामिल किया जाता है। वास्तव में पर्यावरण में जल, अग्नि, वायु, भूमि, पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, मानव और उसकी विविध गतिविधियों के परिणाम आदि सभी का समावेश होता हैं। हमारे चारों ओर दिखाई देने वाले वातावरण को भौतिक पर्यावरण कहते हैं। यह कई बार बहुत मनोहारी…

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केन्द्र की चेतावनी: आयेगी कोरोना की तीसरी लहर, रहें सावधान

डेस्क। केंद्र सरकार ने एक बार फिर कोरोना को लेकर चेतावनी जारी की है। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा है कि अगर अगर लोग वैसे ही करने लगे जैसे कि वे दिसंबर, जनवरी में कर रहे थे, तो एक बार फिर से मुश्किल फेज आ सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डाटा के अनुसार, सात मई को आए दूसरी लहर के पीक की तुलना में अब सामने आ रहे दैनिक मामलों में 68 फीसदी की गिरावट है। तकरीबन 377 जिलों में पॉजिटिविटी रेट पांच फीसदी से भी…

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