यौन उत्पीडऩ: जेएनयू के प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज

नई दिल्ली। कुछ छात्राओं के यौन उत्पीडऩ के आरोपों के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के एक प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि वसंत कुंज थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। जेएनयू में गुरुवार को छात्राओं ने बयान जारी कर कहा था, प्रोफेसर प्राय: यौन टिप्पणियां करते हैं, खुलेआम यौन संबंध बनाने की मांग करते हैं और लगभग हर लडक़ी के फिगर पर टिप्पणी करते हैं। अगर लडक़ी आपत्ति करती तो वह उसके प्रति द्वेष की भावना पाल लेते हैं।
उन्होंने आरोप लगाए, प्रोफेसर और प्रशासन के बीच वित्तीय साठगांठ है। वर्षों से कोई सामान नहीं खरीदा गया है लेकिन इसके नाम पर करोड़ों रुपये का खर्च दिखाया गया है। बहरहाल, जेएनयू के प्रोफेसर ने कहा कि वामपंथ की तरफ रूझान रखने वाली छात्राएं उन्हें निशाना बना रही हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा था, जिन लड़कियों ने मेरे खिलाफ आरोप लगाए हैं उन्हें मैंने 27 फरवरी को प्रयोगशाला में अनियमित उपस्थिति को लेकर मेल किया था। इसलिए वे मुझे निशाना बना रही हैं।
एसएलएस से बड़ी संख्या में छात्राओं ने आज धरना दिया और स्कूल के डीन से मांग की कि प्रोफेसर को सभी आधिकारिक पदों से निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ जांच शुरू की जाए। डीन को लिखे पत्र में छात्राओं ने कहा, चूंकि आप जानते हैं कि प्रोफेसर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और वह कई अधिकार वाले पदों पर हैं और विश्वविद्यालय में पदधारक हैं, इसलिए हम कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हैं कि उन्हें सभी पदों से निलंबित किया जाए।प्रदर्शन में जेएनयू छात्र संघ के सदस्य, जेंडर सेंसीटाइजेशन कमिटी अगेंस्ट सेक्सुअल हरासमेंट( जीएससीएएसएच) के प्रतिनिधि और पिंजरा टॉड के सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए प्रशासनिक खंड तक मार्च निकालने की घोषणा की है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह जल्द ही प्रोफेसर से पूछताछ करेगी।

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