पीएम मोदी बोले: इंसानियत को ठेस नहीं पहुंचने देंगे

pm10julyनई दिल्ली। भाबरा में स्वतंत्रता संग्राम के नायक रहे चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली में पीएम मोदी ने कहा कि कश्मीरियत और इंसानियत को वो कभी ठेस नहीं पहुंचने देंगे। उन्होंने कश्मीर के युवाओं से बंदूक छोड़ विकास में सहयोग देने का आह्वान किया। पीएम ने कश्मीर के युवाओं से अपील किया कि वो धरती के स्वर्ग को स्वर्ग बने रहने दें। उन्होंने कहा कि ये दुख की बात है कि युवाओं के हाथों में पत्थर दिए जा रहे हैं।
पीएम ने कहा जो आजादी सभी भारतीयों को मिली है वहीं आजादी हर कश्मीरी के लिए भी है। कश्मीर का जनता शांति चाहती है। कश्मीर को जो मदद चाहिए मैं वो देने को तैयार हूं। हम कश्मीर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। कुछ लोग कश्मीर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं। कश्मीर के नौजवानों को पत्थर पकड़ा दिए गए हैं। ये देखकर दुख होता है कि जिन बच्चों के हाथों में लैपटॉप, किताब होनी चाहिए, उनके हाथ में पत्थर होते हैं।
मोदी ने कहा वीरों की धरती को नमन करता हूं। आज के दिन ही 75 साल पहले गांधी ने अग्रेजों को ललकारा था। हम आजादी के दीवानों के कारण ही चैन की सांस ले रहे हैं। हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए जान की बाजी लगा दी। अपने परिवार को उजाड़ दिया। अपना सब कुछ देश के लिए समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी-70 याद करो कुर्बानी कार्यक्रमों की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम के नायक चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली से की। पीएम ने स्वतंत्रता संग्राम के नायक चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर पीएम ने चंद्रशेखर आजाद की स्मारक स्थली का दौरा किया। अलीराजपुर के भाबरा गांव को क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली माना जाता है।
मोदी सरकार आजादी की सालगिरह को इस बार अनूठे अंदाज में मनाने जा रही है। 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण कर रस्म अदायगी करने के बजाय सरकार ने पूरे 15 दिन तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। नौ अगस्त से शुरू होकर 23 अगस्त तक चलने वाले आजादी के इस जश्न को आजादी-70, याद करो कुर्बानी नाम दिया गया है।
9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन की 74वीं वर्षगांठ भी है। भारत सरकार के कई मंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में इस कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं। वेंकैया ने बताया कि सभी केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता इस दौरान आजादी की लड़ाई से जुड़े जालियांवाला बाग (पंजाब), चौरी चौरा (उत्तर प्रदेश), सेलुलर जेल (अंडमान), साबरमती आश्रम और दांडी (दोनों गुजरात) जैसे देश के प्रमुख स्थलों पर जा रहे हैं।
इनमें आजादी की लड़ाई से जुड़े महापुरुषों के जन्मस्थान भी शामिल हैं। नायडू के अनुसार आजादी के जश्न का समां बांधने के लिए कई तरह के आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान देश के सभी ऐतिहासिक स्मारक तिरंगे की रोशनी में रोशन होंगे।