देश में पर्यावरण व बढ़ते शहरीकरण के बीच संतुलन आवश्यक

प्रहलाद सबनानी। एक अनुमान के अनुसार, देश में वर्ष 2050 तक शहरों की आबादी 80 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी। यानी, उस समय की देश की कुल आबादी के 50 प्रतिशत से अधिक और आज की शहरी आबादी से लगभग दुगुनी यथा भारत एक शहरी देश के तौर पर उभर कर सामने आ जाएगा। आज, 2011 की जनगणना के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत में 53 ऐसे शहर हैं जिनकी आबादी 10 लाख की संख्या से अधिक है। शहरीकरण के एक सबसे बड़े फ़ायदे के तौर पर, यह कई…

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वेलेंटाइन डे के जरिये लक्ष्य विहीन होता युवा ?

डॉ. अजय कुमार मिश्रा। प्यार का सप्ताह चल रहा है आपके चाहने या न चाहने पर भी इसका एहसास आज हम सभी को आधुनिक बाजार और युवा पीढ़ी दिला रहे है। हम अपनी सभ्यता संस्कृति की खूबियाँ और व्यावहारिक सहयोगात्मक स्वरुप को जिस तेजी से भूलते चले जा रहें है उसी तेज गति से हम पाश्चात्य संस्कृति को अपनातें भी चले जा रहें है । जीवन के नैतिक मूल्यों पर टिके रहने के बजाय अब हम क्षणिक रूप में खुशियाँ तलाश कर रहें है । हमारी संस्कृति और सभ्यता की…

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गुप्त नवरात्रि: 21 फरवरी तक रहेगा मुहूर्त

डेस्क। वर्ष में नवरात्रि दो बार आते हैं। चैत्र मास में वासंतिक नवरात्रि और आश्विन मास में शारदीय नवरात्रि होते हैं। यह दोनों नवरात्रि मौसम परिवर्तन की संधियों में होते हैं। शारदीय नवरात्र आने से शीत ऋतु का आगमन हो जाता है और वासंती नवरात्रों के बाद गर्मी का मौसम आरंभ हो जाता है। इन दोनों नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि होती हैं। ये हैं आषाढ़ मास और माघ मास में। इस वर्ष माघ मास की गुप्त नवरात्रि 12 फरवरी दिन शुक्रवार से 21 फरवरी दिन रविवार तक रहेंगी।…

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एस्पाइरिंग लाइव्स ने बिछड़े बालाराम को परिवार से मिलाया

बालाराम (पुरुष, 46 वर्ष) जो कि पिछले 2 वर्षों से अपने घर से बिछड़े हुए थे, उनको उनके परिवार से 8 फ़रवरी को ‘एस्पाइरिंग लाइव्स’ एनजीओ, चेन्नई, तमिलनाडु के द्वारा मिलाया गया जब बालाराम का बेटा (संजय राजपूत) ‘एस एस समिथि अभया केन्द्रम’ संस्था, कोल्लम जिला, केरल; बालाराम को वापस घर ले जाने के लिए आया। 10 फ़रवरी को बालाराम अपने बेटे के साथ वापस घर पहुँच गए। घर पर सभी लोग बहुत खुश हुए। बालाराम, जो ‘वार्ड नंबर 7, बेरखेड़ी ग्राम, राजपुर पंचायत, कुरवाई थाना, विदिशा जिला, मध्य प्रदेश’…

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बसंत पंचमी: जानिए क्या है इसका महत्व

डेस्क। माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार को लेकर मान्यता है कि सृष्टि अपनी प्रारंभिक अवस्था में मूक, शांत और नीरस थी। चारों तरफ मौन देखकर भगवान ब्रह्मा जी अपने सृष्टि सृजन से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने अपने कमंडल से जल छिडक़ा और इससे अद्भुत शक्ति के रूप में मां सरस्वती प्रकट हुईं। मां सरस्वती ने वीणा पर मधुर स्वर छेड़ा जिससे संसार को ध्वनि और वाणी मिली। इसलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती…

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