ऐसे ही नहीं बन जाता कोई गांधी

सुरेश हिन्दुस्थानी। भारत परंपराओं की भूमि रही है। इन पम्पराओं को जीवन में आत्मसात करने वाले व्यक्तित्वों की भी लम्बी श्रंखला है। जिन्होंने इन परम्पराओं को अपने जीवन में उतारा है, वे निश्चित रुप से महान भारत की संस्कृति को ही जीते दिखाई दिए हैं। इसी कारण वर्तमान में उनके अनुसरण कर्ता भी भारी संख्या में दिखाई देते हैं। वे नि:संदेह महान आत्मा के रुप में आज भी हमारा मार्गदर्शन करने में सक्षम हैं। इस पूरी धारणा को आत्मसात करने वाले मोहनदास भारत के साथ इस प्रकार से एक रुप…

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