CMO की क्षापामारी के बाद मीडिया में आ रही खबरों में सही तथ्यों के अभाव को महसूस करते हुए अस्पताल प्रशासन ने प्रेस रिलीज़ के माध्यम से तथ्यों को स्पष्ट किया. अस्पताल प्रशासन का दावा है कि बिना सही जाँच पड़ताल किए तथ्यों को मनमानी ढंग से मीडिया में उछाला जा रहा है. प्रशासन ने सही तथ्यों के साथ मीडिया में उठने वाले सवालों का बिन्दुवार स्पष्टीकरण दिया जो इस प्रकार है- अस्पताल में शाम पाँच बजे के बाद प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के आरोप पर बताया कि अस्पताल में २४…
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पैर के नाखून में लगे फंगस का यह करें उपचार
फीचर डेस्क। पैरों के नाखून में फंगस या कवक लगना आम बात है। यह देखने में बहुत ही भद्दे लगते हैं और अगर इनकी सफाई ना की गई तो यह एक नाखून से दूसरे नाखूनों तक फैल सकते हैं। क्या आप जातने हैं कि नाखून में फंगस क्यूं लग जाती है? इसका एक बहुत बड़ा कारण है कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम है। इसके अलावा शरीर में अगर कैल्शियम कम है या फिर आप अपने नाखूनों का ठीक से ध्यान नहीं रख सकते हैं, तो भी आपको यह…
Read Moreबिल्ली पालना हो सकता है खतरनाक: हो सकती है शिजोफ्रेनिया बीमारी
फीचर डेस्क। बिल्लियां पालना कुछ लोगों के लिए मन बहलाने का साधन हो सकता है, लेकिन एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि बिल्लियों के साथ रहने से शिजोफ्रेनिया बीमारी होने का खतरा रहता है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि परजीवी टॉक्सोप्लास्मा गोंडी (टी. गोंडी), जो कि बिल्लियों से मनुष्यों में संक्रमित हो सकता है और इस कारण उनमें शिजोफ्रेनिया पनप सकता है। हफिंग्टन पोस्ट के मुताबिक, स्टेनले मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के एडविन टोरे ने कहा, टी. गोंडी दिमाग में जाता है और सूक्ष्म अल्सर का निर्माण…
Read Moreचॉकलेट है कमाल की, रखे दिल का ख्याल
फीचर डेस्क। चॉकलेट जिसका नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ जाता है उसके गुण भी काफी निराले हैं। डाक्टरों की मानें तो चॉकलेट के नियमित सेवन से दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है। हर दिन 100 ग्राम मिल्क चॉकलेट या डार्क चॉकलेट खाने का संबंध दिल की बीमारी और आघात के खतरे को कम करने से जुड़ा है। यह दावा एक नए अध्ययन में किया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादा चॉकलेट न खाने वालों की तुलना में हृदय संबंधी बीमारी का खतरा 11 प्रतिशत कम…
Read Moreकचनार की छाल में है ट्यूमर को नष्ट करने की अद्भुत क्षमता
लखनऊ। यूपी के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शिवशंकर त्रिपाठी ने बताया कि कचनार की छाल में शरीर की ग्रन्थियों में होने वाली सूजन को दूर करने तथा अर्बुद (टयूमर) को नष्ट करने की अद्भुत क्षमता है तथा वासा (अडूसा) की पत्तियों एवं फूलों का काढा किसी भी प्रकार की खांसी को दूर करने में अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों परिसर में जहां भी खाली जमीन है वहां पर औषधीय पौंधो का रोपण किया…
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